कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कोशिश कर रहे हैं कि जहां भी कोई चर्चित मुद्दा उठाया गया हो वहां वो अपनी मौजूदगी दर्ज कराएं। यहीं वजह हैं कि जेएनयू जैसे ज्वलंत मुद्दे पर भी वो अपनी राय देने से पीछे नहीं हटे और चारों ओर से आलोचना का शिकार हुए। वहीं उनकी पार्टी को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ा।

जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले छात्रों का समर्थन कर रहे राहुल गांधी को शायद इसका आभास नहीं होगा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता उनका साथ छोड़ देंगे। जी हां, एक वेबसाइट में छपी खबर की माने तो जेएनयू प्रकरण ने 12 लाख कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को निराश किया है और इसके चलते वे पार्टी की सदस्यता छोड़कर चले गए हैं।

जो लोग पार्टी छोड़ कर गए हैं, उनमें सिर्फ छोटे-मोटे कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कई बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वेबसाइट के मुुताबिक इन सभी लोगों का कहना है कि जो पार्टी देशद्रोहियों का समर्थन करेगी वो उस पार्टी का समर्थन कैसे कर सकते हैं। ऐसे में कयासे लगाई जा रही है कि ज्यादातर कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए हैं, हालांकि औपचारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

गुजरात चुनाव में कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है खामयाजा- इससे साफ तौर पर कांग्रेस की पार्टी को काफी नुक्सान हुआ है। गुजरात में होने वाले चुनाव से पहले राहुल का ये कदम कांग्रेस की राह को और मुश्किल कर रहा है। वैसे भी कांग्रेस को गुजरात चुनाव के लिए अभी तक कोई ऐसा उम्मीद्वार नहीं मिला है जिसपर वो दांव लगा सके। न हाल ही में ऐसा कोई कार्य है जिसकी बल पर वो अपना प्रचार कर सकें। वहीं बची कसर राहुल गांधी खुद पूरी कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव आते-आते वो और क्या नुक्सान पार्टी को करते हैं, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। Source